मिर्जापुर सीजन 1 के बाद सीजन 2 भी जबरदस्त हिट रहा है और जो इसकी एंडिंग में हुआ उससे साफ है कि सीजन 3 भी आएगा ही, क्योंकि बहुत सारे सवाल अभी भी बाकी हैं। मिर्जापुर 2 की एंडिंग में सत्यानंद त्रिपाठी और मुन्ना त्रिपाठी तो मारे जाते हैं और कालीन भैया यानी अखंडानंद त्रिपाठी को जख्मी हालत में शरद शुक्ला बचा ले जाते हैं। अब सवाल यह है कि आगे क्या होगा, तो आइए समझने की कोशिश करते हैं कि क्या हो सकता है।

मिर्जापुर 2 में गुड्डू पंडित मिर्जापुर की गद्दी लेने में कामयाब रहे। साफ हो गया कि कालीन भैया की जगह अब वह संभालेंगे मिर्जापुर…गुड्डू पंडित जब लाला की हवेली में रह रहे थे तो उनकी नजदीकियां लाला की बेटी शबनम से बढ़ गई थीं। अब आगे हो सकता है कि यह रिश्ता अंजाम तक पहुंचे…लेकिन इससे गोलू गुप्ता को परेशानी हो सकती है।

गुड्डू और शबनम की करीबी से गोलू पहले भी खुश नहीं थीं। दूसरे गोलू खुद भी मिर्जापुर की गद्दी पर बैठना चाहती हैं। वह अपने पापा से कहती भी हैं कि बड़ी ना सही छोटी मिर्जापुर पर राज करेगी। अब या तो वह गुड्डू से शादी करके मिर्जापुर पर राज करे या फिर हो सकता है कि वह भीतर ही भीतर गुड्डू के खिलाफ बगावत कर दे और गुड्डू के दुश्मनों से मिल जाए।

मिर्जापुर 2 के आखिर में कालीन भैया को शरद शुक्ला बचा कर ले गए। आप सोच सकते हैं कि आखिर अपने दुश्मन को बचा कर शरद को क्या मिलेगा लेकिन यहां से असकी खेल शुरू होता है। मिर्जापुर 2 में ही शरद और कालीन भैया की दुश्मनी खत्म हो गई थी। शरद के पिता रतिशंकर शुक्ला से भले ही कालीन भैया की दुश्मनी थी लेकिन शरद के असली दुश्मन तो गुड्डू पंडित हैं।

अब कालीन भैया और शरद दोनों का दुश्मन एक है। कालीन भैया ने मिर्जापुर पर बरसों राज किया है। तीसरे सीजन में शरद… कालीन भैया कि मदद से मिर्जापुर हथियाने की कोशिश कर सकता है। कालीन भैया को भी शरद का साथ देने में कोई ऐतराज नहीं होगा क्योंकि अब मुन्ना तो रहे नहीं दूसरे उन्हें गुड्डू से हिसाब भी चुकाना है।

कालीन भैया और उनकी बहू माधुरी यादव त्रिपाठी के बीच सियासी दुश्मनी भी दिख सकती है। माधुरी ने सीएम के लिए जब अपना नाम आगे किया था तो कालीन भैया खुश नहीं दिखे थे। वह चुप रह गए थे लेकिन तीसरे सीजन में यह सियासी लड़ाई दिलचस्प हो सकती है। मिर्जापुर 2 में माधुरी के किरदार में ईशा तलवार के काम को काफी पसंद किया गया था जाहिर है मेकर्स तीसरे सीजन में उन्हें आगे बढ़ाना चाहेंगे।

बीना त्रिपाठी ने गुड्डू पंडित से डील की थी और कालीन भैया का साम्राज्य खत्म करने में उनका बड़ा रोल रहा। उन्होंने गुड्डू से वादा लिया था कि उनका बेटा जब बड़ा होगा तो वह उसे मिर्जापुर की गद्दी सौंप देंगे। तीसरे सीजन में हो सकता है कि वह गुड्डू पंडित के साथ मिल जाएं या फिर गुड्डू अगर पलट जाते हैं तो बीना इंतकाम की नई कहानी शुरू कर सकती हैं।

मिर्जापुर 2 में प्रियांशु ने एक ब्रोकर रॉबिन का किरदार निभाया है। वह गुड्डू पंडित की बहन डिंपी के बॉयफ्रेंड भी हैं। डिंपी के मम्मी-पापा को भी उनका रिश्ता कबूल है। अब तीसरे सीजन में रॉबिन या तो गुड्डू पंडित के फाइनेंशियल मामले देखेंगे या फिर गुड्डू के पापा का साथ देकर गुड्डू के लिए कानूनी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।

मिर्जापुर 2 में बिहार के बाहुबली दद्दा त्यागी के दोनों हमशक्ल बेटे छोटे और बड़े एक-दूसरे के खून के प्यासे बन जाते हैं और जैसा कि दिखाया गया है छोटे बच जाते हैं लेकिन वह चोला बड़े का पहन लेते हैं। छोटे की हसरतें बड़ी हैं। उनका दिल गोलू गुप्ता पर आया हुआ है। गोलू अगर गुड्डू से नाराज होती हैं तो छोटे त्यागी गोलू का साथ देकर बड़ा खेल कर सकते हैं। वैसे वह गोलू से उसकी वेवफाई का बदला भी लेते दिख सकते हैं।

मिर्जापुर 2 में मकबूल का दिल कालीन भैया ने तोड़ दिया था। गुस्सा मकबूल सत्यानंद त्रिपाठी की मौत के बाद नहीं दिखे। तीसरे सीजन में हो सकता है कि वह गुड्डू पंडित के लिए वही काम करें जो वह कालीन भैया कि लिए करते थे। उनका कालीन भैया से बदला अभी बाकी है, ऐसे में वह गुड्डू का दाहिना हाथ बन सकते हैं।

एसपी मौर्य साहब ने मिर्जापुर को साफ करने का कदम उठाया था उसमें वह पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए। गुड्डू पंडित उनके निशाने पर पहले से ही हैं, ऐसे में गुड्डू पंडित के साथ उनकी नई लड़ाई शुरू हो सकती है।

तो यह कुछ संभावनाएं हैं जो तीसरे सीजन में हो सकती हैं। आपको क्या लगता है, मिर्जापुर 3 की कहानी हमने जैसे बताई वैसी ही हो सकती है या फिर आप कुछ अलग सोचते हैं। अपनी राय कमेंट करके हमें जरूर बताएं। इस वीडियो को लाइक और शेयर करें और इस चैनल को आपने अभी तक सब्सक्राइब नहीं किया है तो सब्सक्राइब करना न भूलें।