अभिषेक बच्चन स्टारर वेब सीरीज ब्रीद इनटू द शैडोज ने धूम मचा दी है। अमेजन प्राइम वीडियोज पर रिलीज इस वेबसीरीज को काफी पसंद किया जा रहा है। इसके अलग हट कर कंटेट की वजह से लोग इसे पसंद कर रहे हैं। निर्देशक मयंक शर्मा कहानी को सलीके से आगे बढ़ाने में भी कामयाब रहे हैं।


प्राइम वीडियो पर ब्रीद सीरीज की यह दूसरी किश्त है। यह कहानी है मनोचिकित्सक अविनाश सबरवाल यानी अभिषेक बच्चन के खुशहाल परिवार की। अविनाश दिल्ली में पत्नी आभा यानी नित्या मेनन और छह साल की बेटी सिया यानी इवाना कौर के साथ रहते हैं। एक दिन एक बर्थडे पार्टी से सिया का किडनैप हो जाता है और लाख कोशिशों के बाद भी सिया नहीं मिलती।


इसी बीच क्राइम ब्रांच ऑफिसर कबीर सावंत यानी अमित साध का मुंबई से दिल्ली ट्रांसफर होता है। इधर नौ महीने बाद एक दिन किडनैपर अविनाश को एक अजीब शर्त के साथ वीडियो मैसेज भेजता है। वह सिया को छुड़ाने के बदले अविनाश को हत्या करने के लिए कहता है। फिर ये केस कबीर को मिलता है। इस दौरान कहानी में हर मोड़ पर सस्पेंस देखने को मिलेगा।


आखिर कौन है ये किडनैपर? क्यों इसने अविनाश की ही बेटी को किडनैप किया? वह क्यों लोगों का मर्डर करवा रहा है और क्या कबीर केस सुलझा पाएंगे? ऐसे ही सवालों के जवाब जानने के लिए आपको सीरीज देखनी होगी।
इस वेबसीरीज में अभिषेक बच्चन ने एक जिम्मेदार पिता और मनोकिचित्सक के तौर पर बेहतरीन काम किया है। उनके किरदार को जितना सुलझा हुआ शुरुआत में दिखाया गया है उतना है नहीं। खुशी, दुख, गुस्सा हर तरह के भाव को उन्होंने बखूबी अपने चेहरे पर दिखाए है।


आभा के किरदार में नित्या ने भी शानदार काम किया है। वह एक ऐसी मां बनी हैं जो किसी भी हाल में अपनी बच्ची को अपने पास लाना चाहती हैं।


इस सीरीज के पुराने किरदार कबीर सावंत के रूप में अमित साध फिर जबरदस्त दिखे हैं। उनके अलावा छोटी बच्ची के किरदार में इवांना कौर, ऋषिकेश जोशी, श्रद्धा कौल, सैयामी खेर और श्रीकांत वर्मा ने अपने किरदारों के साथ इंसाफ किया है।


इस वेब सीरीज का निर्देशन मयंक शर्मा ने किया है, जबकि कहानी मयंक, अय्यर, अरशद और विक्रम तुली ने लिखी है। वेबसीरीज की शुरुआत थोड़ी धीमी है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, धड़कने भी बढ़ने लगती है और यही एक शानदार निर्देशन की निशानी कह सकते हैं।

हालांकि कुछ चीजें आपको बोर कर सकती हैं। जैसे इसकी रफ्तार बहुत धीमी है। इसके एपिसोड बहुत लंबे हैं और उन्हें 12 एपिसोड तक खीचा गया है। हर एपिसोड 10 मिनट तक छोटा रखा जाता और कुल एपिसोड 9 तक रखे जाते तो यह वेबसीरीज कसी हुई दिखाई देती। बहरहाल कोरोना की वजह से लोग घरों में ज्यादा वक्त रहने के लिए विवश हैं तो आपके पास समय भी है। ऐसे में आप कुछ ज्यादा वक्त भी इस वेबसीरीज को दे सकते हैं।


हमारी राय में इस वेबसीरीज को एक बार तो देखा जाना बनता है। और हां इसे आप जंप करके नहीं देखें क्योंकि ऐसा करने पर यह आपको समझ नहीं आएगी। धीरे-धीरे से ही सही हर एपिसोड को देखें तभी आप इसका पूरा मजा ले पाएंगे। फ्रेंड्स यह वेबसीरीज आपको कैसी लगी, कमेंट करके हमें भी जरूर बताएं।