अमेजन प्राइम वीडियो पर आ गई है एक नई वेबसीरीज जिसका नाम है रसभरी। सोशल मीडिया पर इस वेबसीरीज की काफी चर्चा है। वेबसीरीज में लीड रोल में हैं स्वरा भास्कर जो कि शानू बंसल नाम की एक इंग्लिश टीचर के किरदार में हैं। कहानी का ताना-बाना उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमता है वह कभी शानू मैडम होती हैं तो कभी लखनऊ की रसभरी।

यह कहानी है एक स्टूडेंट नंद की जिसका किरदार आयुष्मान सक्सेना ने निभाया है। लगता है आयुष्मान नाम का ही एक्टिंग से कोई गहरा संबंध है क्योकि आयुष्मान खुराना की तरह ही आयुष्मान सक्सेना ने भी नंद के किरदार में जान डाल दी है। नंद मेरठ के एक स्कूल का स्टूडेंट है और उसकी गर्लफ्रेंड है प्रियंका जिसका किरदार रश्मि अगड़ेकर ने निभाया है।

नंद की जिंदगी में तूफान तब आ जाता है जब इंग्लिश टीचर शानू बंसल उसके स्कूल में ज्वाइन करती हैं। शानू बंसल पर सिर्फ स्कूल के स्टूडेंट और स्टाफ ही नहीं पूरा मोहल्ला फिदा हो जाता है। शानू को लेकर शहर में तमाम अफवाहें फैल जाती हैं और नंद को लगता है कि वह भी फायदा उठा सकता है। वह शानू मैडम के यहां ट्यूशन पढ़ना शुरू करता है, लेकिन उसे वहां मैडम का दूसरा ही रूप देखने को मिलता है। शानू का एक कैरेक्टर सख्त और शानदार टीचर का है तो दूसरा लखनऊ की तवायफ रसभरी का।

शानू और नंद की कहानी के साथ ही एक लव स्टोरी नंद और उसकी गर्लफ्रेंड प्रियंका की भी चलती है। निर्देशक ने यहां बड़ी खूबसूरती से एक संदेश दिया है कि लड़की हो या महिला पहले उसकी इज्जत करना सीखो, वह अच्छी दोस्त अपने-आप बन जाती है।

उधर मेरठ के जिस मोहल्ले में शानू मैडम रहती हैं वहां उनके कैरेक्टर को लेकर ऐसी अफवाहें फैल जाती हैं सारे घरों की महिलाएं अपने पतियों को शानू के चंगुल में फंसा समझने लगती हैं। लेकिन इसके लिए वह अपने पति को नहीं शानू को जिम्मेदार मानती हैं और उसे सबक सिखाना चाहती है। इनमें नंद की मां पुष्पा भी है जिसका किरदार नीलू कोहली ने निभाया है।

शानू मैडम ऐसी क्यों है। उसके दो कैरेक्टर कैसे हैं, क्या उसे पर्सनैलिटी डिसऑर्डर है या फिर आदतन ऐसी है या फिर उस पर किसी का साया है। नंद से उसका रिश्ता कहां तक जाता है। ऐसे कई सवालों के जवाब पाने के लिए यह सीरीज आपको देखनी होगी। हालांकि कुछ सवालों के जवाब आपको नहीं भी मिलेंगे क्योंकि निर्देशक पहले से ही सोच कर बैठे हुए लगते हैं कि वह इसका सीजन 2 भी लाएंगे ही।

कहानी समाज की वैसी सोच पर भी चोट करती जो बेटे के डांस पर तो खुश होते हैं लेकिन बेटी के डांस पर बातें बनाने लगते हैं। इसी तरह से उस सोच को भी निशाना बनाती है जो एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के लिए सिर्फ महिला को ही दोषी मानते हैं और सोचते हैं कि पुरुष तो ऐसा करता ही है।

यह वेबसीरीज आपको शुरूआत में चीप टाइप भी लग सकती है लेकिन वैसी है बिल्कुल नहीं। निर्देशक इसे हल्की शुरूआत देकर ऐसी ऊंचाई पर भी ले जाने में कामयाब रहे हैं जहां से यह महिलाओं का सम्मान करने का संदेश बहुत ही प्रभावी तरीके से देती है। पूरी वेबसीरीज में आपकी दिलचस्पी बनी रहेगी, हालांकि क्लाइमेक्स कुछ खास नहीं है। इस पर जरा भी मेहनत नहीं की गई है।

इस वेबसीरीज में स्वरा भास्कर के अलावा आयुष्मान सक्सेना, रश्मि अगड़ेकर, नीलू कोहली के अलावा भी दर्जनों कलाकार हैं जिन्होंने अपना पार्ट पूरी ईमानदारी से निभाया है। यह वेबसीरीज वैसी कतई नहीं है जैसी कि पहली नजर में लगती है। इसमें गहरे संदेश छिपे हैं और इसे देखने के बाद आप महसूस करेंगे कि आपने कुछ अच्छा देखा।